सभी राजमार्ग प्रवेश बिंदुओं पर शराब पीकर ड्राइविंग को रोकने के लिए रीयल-टाइम जाँच।
प्रशिक्षित कर्मचारी प्रवेश बिंदुओं पर टायर दबाव और गुणवत्ता की जाँच करते हैं।
अनिवार्य यूनिफ़ॉर्म अनुशासन और पहचान सुनिश्चित करते हैं।
हर 5 किमी पर कैमरे लगाकर लेन अनुशासन और घटना प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना।
हमारी पहलों को NHTSA, WHO और IIT परिवहन प्रयोगशालाओं के प्रमाणित अनुसंधान द्वारा मार्गदर्शित किया जाता है। थकान पहचान के लिए कंप्यूटर विज़न और IoT-सक्षम डायग्नोस्टिक्स जैसी तकनीकें पहले से ही अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा प्रणालियों में अपनाई गई हैं।
प्रारंभिक पायलट तैनाती शहरी और अर्द्ध-शहरी बेड़े संचालन में सक्रिय है (जैसे पुणे, बेंगलुरु)। नीचे एक डेमो उदाहरण दिया गया है: